AP Inter Results 2020: बीआईईएपी ने जारी किए इंटरमीडिएट के नतीजे

AP Inter Results 2020: बीआईईएपी ने जारी किए इंटरमीडिएट के नतीजे अप्रैल, 13 2026

करीब 10 लाख से ज्यादा छात्रों के इंतजार के बाद, आखिरकार Board of Intermediate Education, Andhra Pradesh (BIEAP) ने 12 जून 2020 को शाम 4 बजे इंटरमीडिएट प्रथम और द्वितीय वर्ष के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए। विजयवाड़ा के होटल गेटवे के बी-लेवल हॉल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिक्षा मंत्री अदिमुलपु सुरेश ने इन नतीजों की आधिकारिक घोषणा की। इस साल कोरोना महामारी की वजह से परीक्षा और परिणामों की पूरी समयसीमा बदल गई थी, जिसका सीधा असर छात्रों की आगे की पढ़ाई और एडमिशन की प्लानिंग पर पड़ा।

नतीजों का विश्लेषण: पास प्रतिशत और आंकड़े

इस साल का डेटा काफी दिलचस्प है। कुल मिलाकर 10,65,155 छात्र इन परीक्षाओं में शामिल हुए थे। अगर हम सिर्फ प्रथम वर्ष की बात करें, तो 5,07,230 छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 3,00,560 छात्र सफल रहे। इसका मतलब है कि प्रथम वर्ष का कुल पास प्रतिशत 59% रहा। (हैरानी की बात है कि लड़कों का प्रदर्शन थोड़ा कम रहा)।

डेटा पर गौर करें तो प्रथम वर्ष में 2,49,611 लड़कों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से केवल 1,36,195 पास हो सके, यानी लड़कों का पास प्रतिशत 55% रहा। वहीं, द्वितीय वर्ष की इंटर परीक्षा में भी लड़कों का पास प्रतिशत 55% ही दर्ज किया गया। ये आंकड़े बताते हैं कि इस साल छात्रों को पढ़ाई में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, शायद घर से पढ़ाई और लॉकडाउन के तनाव की वजह से।

मुख्य तथ्य एक नजर में:
  • कुल परीक्षार्थी: 10,65,155
  • प्रथम वर्ष पास प्रतिशत: 59%
  • लड़कों का पास प्रतिशत (प्रथम एवं द्वितीय वर्ष): 55%
  • परिणाम घोषणा की तारीख: 12 जून 2020
  • मूल्यांकन में लगे लेक्चरर: 25,000

लॉकडाउन और कोरोना का असर: क्यों हुई देरी?

अगर आप सोच रहे हैं कि नतीजे इतनी देरी से क्यों आए, तो वजह साफ़ है। सामान्य तौर पर ये नतीजे बहुत पहले आ जाते थे, लेकिन इस बार करीब दो महीने की देरी हुई। दरअसल, कॉपियों की चेकिंग यानी इवैल्यूएशन का काम 29 मार्च 2020 को शुरू हुआ था, लेकिन तभी देशव्यापी कोरोना लॉकडाउन लग गया और सारा काम ठप हो गया। (सोचिए उन शिक्षकों की हालत, जिन्हें अचानक काम रोकना पड़ा)।

जब 11 मई 2020 को पाबंदियों में ढील मिली, तब जाकर मूल्यांकन कार्य दोबारा शुरू हो पाया। बोर्ड ने काम को तेजी से पूरा करने के लिए 25,000 लेक्चरर्स को लगाया और स्पॉट वैल्यूएशन सेंटर्स की संख्या बढ़ा दी। इसके बावजूद, भूगोल (Geography) विषय का दूसरा पेपर और आधुनिक भाषा का दूसरा पेपर 3 जून 2020 को हुआ, जिसकी वजह से फाइनल रिजल्ट में और देरी हुई। आखिरकार 6 जून 2020 को सारी कॉपियों की चेकिंग पूरी हुई।

ग्रेडिंग सिस्टम में बदलाव और मार्कशीट का मामला

इस बार एक बड़ा बदलाव ग्रेडिंग को लेकर देखा गया। आमतौर पर नतीजे ग्रेड पॉइंट सिस्टम के आधार पर आते थे, लेकिन प्रथम वर्ष के परिणामों के लिए ग्रेडिंग सिस्टम को रद्द कर दिया गया और छात्रों को विषय-वार अंक (marks) दिए गए। हालांकि, अन्य श्रेणियों के लिए ग्रेडिंग स्केल वैसा ही रहा:

  • 75% से अधिक: ग्रेड A
  • 60% से 75%: ग्रेड B
  • 50% से 60%: ग्रेड C
  • 35% से 50%: ग्रेड D

एक और महत्वपूर्ण बात यह रही कि बोर्ड ने इस साल परिणामों की सीडी (CDs) जारी न करने का फैसला किया। साथ ही, जो मार्कशीट ऑनलाइन जारी की गई, वह केवल प्रोविजनल (अस्थाई) थी। असली मार्कशीट स्कूल दोबारा खुलने के बाद ही अधिकारियों द्वारा बांटी जाएगी।

वेबसाइट क्रैश और तकनीकी अफरा-तफरी

नतीजों की घोषणा के वक्त वह हुआ जो अक्सर सरकारी वेबसाइटों के साथ होता है—वेबसाइट क्रैश हो गई। शाम 3:55 बजे जब करीब 10 लाख छात्र एक साथ bie.ap.gov.in पर पहुंचे, तो सर्वर जवाब देना बंद कर गया। शाम 4:03 बजे तक स्थिति जस की तस थी और छात्रों में घबराहट बढ़ रही थी।

शिक्षा मंत्री ने खुद स्थिति को संभालने की कोशिश की और छात्रों को शांत रहने की सलाह दी। आखिरकार 4:32 PM पर results.bie.ap.gov.in लिंक सक्रिय हुआ। जिन छात्रों की वेबसाइट नहीं खुल रही थी, उन्हें एसएमएस (SMS) के जरिए नतीजे देखने की सलाह दी गई। पूरी तरह से स्थिति तब सामान्य हुई जब शाम 7:20 बजे लिंक सभी के लिए सुलभ हो गया।

छात्रों के लिए जरूरी निर्देश

बोर्ड ने स्पष्ट किया कि छात्र अपना हॉल टिकट नंबर और लॉगिन क्रेडेंशियल्स तैयार रखें। पोर्टल पर जनरल और वोकेशनल दोनों तरह के छात्रों के लिए अलग-अलग लिंक दिए गए थे। साथ ही, पुराने यूज़र्स के लिए पुराने पोर्टल (bieap.gov.in) से नए पोर्टल पर रिडायरेक्ट करने की व्यवस्था की गई थी ताकि किसी को परेशानी न हो।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

AP इंटर रिजल्ट्स 2020 की घोषणा कब और कैसे की गई?

इन नतीजों की घोषणा 12 जून 2020 को शाम 4:00 बजे शिक्षा मंत्री अदिमुलपु सुरेश द्वारा विजयवाड़ा के होटल गेटवे में की गई। छात्र अपने नतीजे आधिकारिक वेबसाइट bie.ap.gov.in और results.bie.ap.gov.in पर देख सकते थे।

नतीजों में देरी का मुख्य कारण क्या था?

मुख्य कारण कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन था। मूल्यांकन कार्य 29 मार्च को शुरू हुआ था लेकिन लॉकडाउन की वजह से रुक गया और 11 मई को दोबारा शुरू हुआ। इसके अलावा भूगोल विषय की परीक्षा में देरी ने भी परिणामों को आगे खिसका दिया।

प्रथम वर्ष का पास प्रतिशत कितना रहा?

प्रथम वर्ष में कुल 5,07,230 छात्र शामिल हुए थे, जिनमें से 3,00,560 छात्र पास हुए। इस प्रकार प्रथम वर्ष का कुल पास प्रतिशत 59% रहा, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 55% दर्ज किया गया।

क्या ऑनलाइन मिली मार्कशीट असली है?

नहीं, वेबसाइट से डाउनलोड की गई मार्कशीट केवल प्रोविजनल (अस्थाई) है। मूल मार्कशीट स्कूलों के दोबारा खुलने के बाद स्कूल अधिकारियों द्वारा वितरित की जाएगी।

वेबसाइट क्रैश होने पर छात्र अपना रिजल्ट कैसे देख सकते थे?

जब आधिकारिक वेबसाइट भारी ट्रैफिक के कारण काम नहीं कर रही थी, तब छात्रों को एसएमएस (SMS) पद्धति का उपयोग करने और वैकल्पिक परिणाम पोर्टल results.bie.ap.gov.in पर जाने की सलाह दी गई थी।