बुलंदशहर: बिजली कटौती और अवैध वसूली पर सांसद ने लेवाई सख्त कार्रवाई
जुल॰, 6 2026
2 जुलाई 2026 को बुलंदशहर के कलेक्ट्रेट सभागार में हुई एक बैठक ने पूरे जिले के बिजली उपभोक्ताओं के लिए नई उम्मीद जगा दी। जिला विद्युत समिति की इस महत्वपूर्ण बैठक में लगातार हो रही बिजली कटौती, अवैध वसूली और विभाग की लापरवाही पर सख्त रूख अपनाया गया। स्थानीय सांसद ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अब किसी भी तरह की छूट नहीं दी जाएगी।
यह कोई आम बैठक नहीं थी। पिछले कई महीनों से यहाँ के लोग बिजली के संकट से जूझ रहे थे। अनूपशहर सहित कई इलाकों में ट्रान्सफार्मर में आग लगने और बार-बार ट्राइपिंग की शिकायतें सामने आई थीं। ऐसे में यह निर्णय समय पर आया है।
बैठक में क्या हुआ? मुख्य मुद्दे और निर्देश
बैठक में पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम (PVVNL) के अधिकारियों की प्रस्तुति पर सवाल उठाए गए। सोशल मीडिया पर सक्रिय डॉ. अंतुल तोतिया (DrAntulTeotia) ने अपनी पोस्ट में बताया कि जनपद की विद्युत व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने पर चर्चा हुई। लेकिन असली ध्यान उन मुद्दों पर था जो आम आदमी की जेब और जीवनशैली को प्रभावित कर रहे थे।
सांसद ने विशेष रूप से तीन बातों पर जोर दिया:
- अवैध वसूली: बिना मीटरिंग या गलत रीडिंग पर होने वाली वसूली को तुरंत बंद करने का आदेश।
- लापरवाही: खराब इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण होने वाली लॉस और कटौती की जिम्मेदारी व्यक्तिगत स्तर पर तय करना।
- व्यापारिक हित: व्यापार मंडल द्वारा उठाए गए 10 प्रतिशत बढ़ोतरी वाले मुद्दे पर पुनर्विचार की मांग।
व्यापार मंडल ने बिजली विभाग को दिया गया ज्ञापन इस बात का सबूत है कि छोटे उद्योगपति भी भारी बिलों से परेशान हैं। 10 प्रतिशत की यह बढ़ोतरी अगर बिना सूचना के लागू होती, तो यह एक बड़ी आर्थिक चुनौती बन जाती।
अनूपशहर घटना: लापरवाही का नतीजा?
बैठक के ठीक पहले, 23 मई 2026 को अनूपशहर में घटी एक घटना ने सिर उठा लिया था। वहां एक ट्रान्सफार्मर में आग लग गई थी, जिससे पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। फायर ब्रिगेड की टीम को आग पर काबू पाने में काफी मेहनत करनी पड़ी।
स्थानीय लोगों का आरोप था कि यह आग 'आकाशीय बिजली' या तकनीकी खराबी की वजह से नहीं, बल्कि रखरखाव की कमी और पुरानी वायरिंग के कारण लगी थी। उस दिन से ही ट्रांसफार्मर की मरम्मत का काम चल रहा था, लेकिन पूरी तरह ठीक नहीं हुआ था। इस घटना ने विभाग की लापरवाही को उजागर किया।
राज्य स्तर का संदर्भ: 47 लाख उपभोक्ताओं का रोष
बुलंदशहर की समस्या अकेली नहीं है। पूरे उत्तर प्रदेश में एक बड़ा विवाद गरमाया हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने लगभग 47 लाख उपभोक्ताओं का स्वीकृत बिजली लोड बिना पूर्व सूचना के बढ़ा दिया है।
इसका सीधा असर यह हुआ है कि कई ऐसे परिवार जो सब्सिडी योजना के दायरे में थे, वे अब बाहर निकल गए हैं। उन्हें हर महीने भारी बिजली बिल भरना पड़ सकता है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, जुलाई 2026 में उपभोक्ताओं के लिए एक राहत की खबर भी है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि इस महीने बिजली बिल में 4.43% की कमी आएगी। यह कदम उपभोक्ताओं के बीच बढ़ते रोष को शांत करने के लिए उठाया गया है।
भविष्य की दिशा और मौसम चेतावनी
बुलंदशहर में EUDD-BSR इकाई द्वारा विभिन्न स्थानों पर रखरखाव कार्य जारी हैं। PVVNL की सूची में बालका, पावसार, रामपुरा और खानपुर जैसे ग्रामीण सबस्टेशनों का उल्लेख है, जिनकी देखभाल पर नजर रखी गई है।
लेकिन चुनौती अभी खत्म नहीं हुई। भारतीय मौसम विभाग ने 6 जुलाई के लिए लखनऊ, मेरठ, गाजियाबाद और बुलंदशहर सहित कई जिलों में तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। मानसून की इस तीव्रता के दौरान बिजली की सुरक्षा और निरंतर आपूर्ति सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
Frequently Asked Questions
बुलंदशहर में जिला विद्युत समिति की बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?
बैठक का मुख्य उद्देश्य लगातार हो रही बिजली कटौती, अवैध वसूली और विभाग की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करना था। सांसद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जाए और उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निपटारा किया जाए।
अनूपशहर में ट्रान्सफार्मर में आग लगने का क्या कारण था?
23 मई 2026 को अनूपशहर में ट्रान्सफार्मर में आग लग गई थी, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, यह रखरखाव की कमी और पुरानी वायरिंग के कारण हो सकती थी। फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया और मरम्मत का काम शुरू किया गया।
उत्तर प्रदेश में 47 लाख उपभोक्ताओं को क्यों परेशानी हो रही है?
UPPCL ने बिना पूर्व सूचना के लगभग 47 लाख उपभोक्ताओं का स्वीकृत बिजली लोड बढ़ा दिया है। इससे कई उपभोक्ता सब्सिडी योजना के दायरे से बाहर हो गए हैं और उन्हें अब भारी बिजली बिल भरना पड़ सकता है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इसकी जांच की मांग की है।
जुलाई 2026 में बिजली बिल में क्या बदलाव आएगा?
राज्य सरकार ने घोषणा की है कि जुलाई 2026 में उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के बिल में 4.43% की कमी आएगी। यह कदम उपभोक्ताओं को राहत देने और बढ़ते रोष को कम करने के लिए उठाया गया है।
व्यापार मंडल ने बिजली विभाग से क्या मांग की थी?
व्यापार मंडल ने 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी से जुड़े मुद्दे को बिजली विभाग के समक्ष रखा था। यह बढ़ोतरी व्यापारियों के लिए आर्थिक बोझ बन सकती थी, इसलिए समिति ने इसके पुनर्विचार और स्पष्टता की मांग की।