खरगोन: लॉरेंस गैंग के नाम पर 10 करोड़ की फिरौती, 12 गिरफ्तार

खरगोन: लॉरेंस गैंग के नाम पर 10 करोड़ की फिरौती, 12 गिरफ्तार जून, 1 2026

मध्य प्रदेश में एक बार फिर से लॉरेंस बिश्नोई के नाम का इस्तेमाल करके डराने-धमकाने की घटना सामने आई है। खरगोन जिले के भीलगांव क्षेत्र में बायो-कॉटन व्यापारी दिलीप सिंह राठौर के घर पर फायरिंग की गई और उसके बाद अंतर्राष्ट्रीय नंबरों से व्हाट्सएप कॉल करके 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई। यह मामला तब गंभीर हो गया जब आरोपियों ने खुद को लॉरेंस गैंग का हिस्सा बताकर पीड़ित को मौत की धमकी दी।

खबर यह है कि इस साजिश का पर्दाफाश हो चुका है, लेकिन मुख्य शूटर अभी भी फरार है। मध्य प्रदेश पुलिस और एटीएस ने इस मामले में तेजी दिखाई है। आइए जानते हैं कि इस पूरे खेल के पीछे क्या रहा और अब स्थिति क्या है।

घटना की पृष्ठभूमि: पुरानी दुश्मनी या साजिश?

यह कहानी सिर्फ एक फायरिंग की नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित साजिश की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़ित व्यापारी दिलीप राठौर और दो व्यक्तियों—लोकेन्द्र पंचावत (उज्जैन निवासी) और सचिन पाटीदार (धार निवासी)—के बीच पैसे के लेन-देन को लेकर पुराना विवाद था। यही पुरानी नोक-झोंक इस पूरी घटना का कारण बनी।

16 तारीख को तीन अज्ञात व्यक्ति पल्सर मोटरसाइकिल पर आए और राठौर के घर पर हवाई फायरिंग की। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि उन्होंने इस फायरिंग का वीडियो रिकॉर्ड किया ताकि बाद में उसे सबूत के रूप में इस्तेमाल किया जा सके। अगले दिन, 17 मार्च को, एक अंतर्राष्ट्रीय नंबर से व्हाट्सएप पर उस वीडियो को भेजा गया और साथ ही 10 करोड़ रुपये की मांग की गई। धमकी यह थी कि अगर पैसा नहीं दिया गया तो घर पर हाथगोला (ग्रेनेड) फेंका जाएगा।

पुलिस कार्रवाई: 12 गिरफ्तार, लेकिन 'हर्री' अभी भी भाग रहा है

खरगोन पुलिस ने इस मामले में छह विशेष टीमों का गठन किया। तकनीकी साक्ष्यों, टावर डंप और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने पिछले कुछ दिनों में 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य साजिशकर्ताओं सहित कई नाम शामिल हैं:

  • सचिन पाटीदार (मुख्य साजिशकर्ता)
  • लोकेन्द्र पंचावत (मुख्य साजिशकर्ता)
  • राजपाल चंद्रावत (नागदा निवासी, जिसे लॉरेंस गैंग का कड़ी माना जाता है)
  • अमित बड़गोटिया (रेकी करने वाला)
  • मलखान उर्फ विजेन्द्र सिसोदिया, शाहरुख खान, कृष्णपाल उर्फ केनिया सोलंकी सहित अन्य 5 लोग

हालांकि, पुलिस की इस कार्रवाई के बावजूद एक नाम अभी भी खोजबीन के लिए है—हरिचंद जाट उर्फ "हर्री बॉक्सर"। रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्हाट्सएप कॉल करने वाले ने खुद को "हर्री बॉक्सर" बताया था। इसके अलावा जावेद खान, राहुल उर्फ बाबा बिंझाना और रवि चौहान भी फरार हैं।

लॉरेंस गैंग का असली चेहरा या बहाना?

यहाँ एक महत्वपूर्ण मोड़ आता है। आरोपियों ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जोड़ा, जिससे पूरे राज्य में सन्नाटा छा गया। लेकिन जांच से पता चला है कि राजपाल चंद्रावत, जो नागदा का रहने वाला है, पहले से ही एक प्रमुख अपराधी है। उसपर हत्या, अपहरण और आर्म्स एक्ट जैसे कई मामले दर्ज हैं और वह NIA द्वारा भी पूछताछ किया जा चुका है।

राजपाल चंद्रावत ने इस साजिश में फायरिंग करवाने और वीडियो बनाने की जिम्मेदारी ली थी। पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित अपराध नेटवर्क था जिसने लॉरेंस गैंग के नाम का दुरुपयोग डर फैलाने के लिए किया। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि असली लॉरेंस गैंग फिरौती नहीं मांगती, बल्कि धर्म और गोमाता के नाम पर दान मांगती है, लेकिन यह मामला स्पष्ट करता है कि कैसे अपराधी इस प्रसिद्ध नाम का इस्तेमाल अपनी सुरक्षा के लिए करते हैं।

बरामदगी और तकनीकी जांच

बरामदगी और तकनीकी जांच

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से काफी मात्रा में हथियार और वाहन जब्त किए हैं। बरामदगी में शामिल हैं:

  • 3 कारें
  • 1-2 मोटरसाइकिल
  • 4 पिस्तौलें
  • 10 जिंदा कारतूस
  • 10 मोबाइल फोन

इन संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 44 लाख रुपये अनुमानित किया गया है। खरगोन के एसपी रविंद्र वर्मा ने बताया कि साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया, जिससे इस अंतर्राष्ट्रीय रंगदारी रैकेट का पता लगाया जा सका।

आगे क्या होगा?

पीड़ित दिलीप सिंह राठौर ने एक वीडियो जारी करके आरोप लगाया है कि मुख्य साजिशकर्ता अभी भी पुलिस की पहुंच से बाहर हैं। उन्होंने लिखित शिकायत खरगोन के एसपी रविंद्र वर्मा और मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को दी है। अब पुलिस की नजर फरार "हर्री बॉक्सर" और अन्य आरोपियों पर है। साथ ही, यह जांच भी चल रही है कि क्या लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कोई सीधा संबंध इस मामले में है या यह सिर्फ एक नाम का दुरुपयोग था।

Frequently Asked Questions

क्या लॉरेंस बिश्नोई गैंग इस मामले में सीधे शामिल है?

पुलिस की जांच से पता चला है कि आरोपियों ने लॉरेंस गैंग के नाम का दुरुपयोग किया है। मुख्य आरोपी राजपाल चंद्रावत एक स्थानीय अपराधी है जिसका अपना नेटवर्क है। हालांकि, पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या इसका किसी बड़े नेटवर्क से कोई संबंध है।

फिरौती की राशि कितनी थी?

आरोपियों ने व्हाट्सएप कॉल और संदेश के जरिए 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में 1 करोड़ रुपये का भी उल्लेख है, लेकिन पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्ट में 10 करोड़ रुपये की मांग का जिक्र है।

"हर्री बॉक्सर" कौन है और वह क्यों फरार है?

हरिचंद जाट उर्फ "हर्री बॉक्सर" वही व्यक्ति है जिसने पीड़ित को व्हाट्सएप पर कॉल करके फिरौती की मांग की थी। पुलिस ने अन्य 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन हर्री और अन्य 3-4 आरोपियों की तलाश जारी है क्योंकि उन्हें मुख्य शूटर या योजनाकार माना जा सकता है।

इस मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए?

कुल मिलाकर 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें मुख्य साजिशकर्ता सचिन पाटीदार, लोकेन्द्र पंचावत और राजपाल चंद्रावत शामिल हैं। गिरफ्तारियों के दौरान पुलिस ने हथियार, वाहन और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।

पीड़ित व्यापारी ने क्या प्रतिक्रिया दी?

पीड़ित दिलीप सिंह राठौर ने एक वीडियो जारी करके कहा कि मुख्य साजिशकर्ता अभी भी फरार है। उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए एसपी और विधानसभा अध्यक्ष को लिखित शिकायत दी है और पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।